राजस्थान की जनजातियां | Tribes Of Rajasthan In Hindi

Table of Contents

Share This Post

राजस्थान की जातियाँ एवं जनजातियाँ, meena janjati in rajasthan, rajasthan ki sabse badi janjati, rajasthan ki janjatiya question

 मीणा जनजाति 

राजस्थान की जनजातियां में सबसे बड़ी जनजाति मीणा जनजाति है जो मुख्य रूप से  दौसा ,करौली, सवाई माधोपुर एवं उदयपुर जिले में निवास करती है यह नगरी क्षेत्रों में रहने वाली सबसे बड़ी जनजाति है

  •  मीणा जाति ने पूर्व में आमेर में शासन किया आमेर के नए राजा का राजतिलक भी नांगल राजा वतान (दौसा) के मीणा जाति के सरदार द्वारा किया जाता था
  •  जयपुर से आगरा तक वितरित काली को पर्वत श्रंखला को कर्नल टॉड ने मीणाओं का मूल स्थान बताया है
  • मुनि मगन सागर जी ने अपने ग्रंथ मीणा पुराण में मीणा जाति को भगवान मेनका वंशज बताया है इस जनजाति का गण चिन्ह मछली है
  •  भूरिया बाबा इस जनजाति के इष्ट देव है सिरोही जिले में पोसालिया गांव के पास स्थित गोमतेश्वर मीणा जाति का प्रमुख आस्था केंद्र है इस जाति के मृतक के श्राद्ध को पानी देना कहा जाता है पूर्वी राजस्थान में रस्म दिवाली के पर्व पर संपन्न की जाती है
  •  इस जनजाति में बहन के पति को विशेष सम्मान दिए जाने की परंपरा है
  •  मीणा जनजाति को 24 भागों में बांटा गया है एवं गोत्रों की संख्या 5200 है
  •  इस जनजाति में 2 वर्ग होते हैं 1 .  चौकीदार  2.  जमीदार
  •  मीणा जनजाति का मुख्य व्यवसाय खेती है मोहनी मांडणा परंपरा का संबंध किस जनजाति से है
  •  इस जाति में नाता प्रथा विद्यमान है इस जनजाति का मुखिया पटेल होता है
  •  वर्तमान में मीणा जनजाति राज्य की सर्वाधिक शिक्षित जनजाति है

 भील जनजाति (राजस्थान की जनजातियां)

  भील राजस्थान की सर्वाधिक प्राचीन जनजाति है  जनजाति भीलवाड़ा ,उदयपुर, सिरोही डुंगरपुर, बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़ जिले में निवास कर रही है राजस्थान की जनजातियां .

  •  ब्रिटिश विद्वान दोनों ने अपने ग्रंथ वाइल्डट्रेल्स ऑफ इंडिया में मारवाड़ को भीलो का आदमी स्थान बताया है कर्नल टॉड भीलो को वनपुत्र कहां है
  • भील शब्द को द्रविड़ भाषा के बिल का अपभ्रंश माना जाता है जिसका अर्थ तीर कमान होता है
  • इस जाति के घर  को टापरा एवं छोटे गांव को फला कहते हैं
  •  बड़े गांव को पाल कहते हैं एवं पाल के मुखिया को गमेती कहा जाता है बिलों के आयताकार घर को कू कहा जाता है
  • भीलो द्वारा पहने जाने वाली तंग धोती ढेपवाड़ा कहलाती है
  •  यह लोग झूमिंग कृषि से अपना जीवन यापन करते हैं झूमिंग कृषि के दो प्रकार होती हैं 1  मैदानी भागों में वनों को जलाकर की जाने वाली कृषि दजिया कहलाती है 2 पहाड़ी भागों में भी लो द्वारा बनो को जलाकर की जाने वाली खेती की चिमाता कहलाती है
  • भीलो के गोत्र अटक कहलाते हैं इस जाति में मृत्यु भोज को कट्टा कहा जाता है भराड़ी इनकी भित्ति चित्रण लोक देवी है
  •  बिल्कुल का देवता टोटम कहलाता है
  • चीरा बावसी प्रथा इस जाति में पाई जाती है इसे सिरा चौकली भी कहते हैं 

गरासिया जनजाति  

जनसंख्या के अनुसार राज्य में तीसरे स्थान पर है यह जाति मुख्य रूप से सिरोही ,पाली ,उदयपुर ,डूंगरपुर, बांसवाड़ा जिले में पाई जाती है राजस्थान की जनजातियां .

  • गरासिया जनजाति लोक कथाओं में स्वयं को अयोध्या निवासी बा भगवान रामचंद्र का वंशज मानती है
  •   ताड़ना विवाह  (फेरे नहीं होते हैं दापा अर्थात कन्या मूल्य वर पक्ष द्वारा चुकाया जाता है)का संबंध गरासिया जनजाति से है
  •  पेहराव ना विवाह में ब्राह्मण की अनुपस्थिति में फेरे लिए जाते हैं
  •  इस जाति में हिंदुओं की तरह मोर बंदिया विवाह होते हैं
  • गरासिया जाति का सबसे बड़ा मेला चैत्र शुक्ला तृतीया को सिरोही के समीप सियावा में लगने वाला मन खारो मिला है
  •  इस जनजाति में आखातीज को नए वर्ष के रूप में मनाया जाता है
  •  गरासिया जनजाति में कृषि का सामूहिक रूप से हारी भावरी कहलाता है
  • इस जनजाति में मृतक व्यक्ति के स्मारक को हुरे /मोरी कहा जाता है

सहरिया जनजाति

यह जनजाति सर्वाधिक 12 जिले के शाहबाद एवं किशनगंज पंचायत में पाई जाती है

  • राज्य की सहरिया जनजाति का 99.47% भाग 12 जिले में निवास करता है
  •  सहरिया जनजाति की उत्पत्ति प्रेशियन शब्द सेहर से हुई है
  •  राज्य की यह एकमात्र जनजाति है जिसे भारत सरकार द्वारा सर्वाधिक पिछड़ी जनजाति होने के कारण आदिम जनजाति का दर्जा दिया गया है
  •  12 जिले का सीताबाड़ी इस जनजाति का प्रमुख स्थान है सीताबाड़ी मेले को इस जनजाति का कुंभ कहा जाता है
  •  चौरसिया सहरिया जनजाति की सबसे बड़ी पंचायत होती है
  •  यह जनजाति बाल्मीकि को अपना आदि गुरु मानती है
  •  सहरिया परिवार की कुलदेवी कोडीया देवी है
  • धारी संस्कार का संबंध सहरिया जनजाति से है इस जनजाति में मृतक का श्राद्ध करने की परंपरा नहीं है

डामोर जनजाति

यह जनजाति सर्वाधिक डूंगरपुर जिले की सीमलवाड़ा पंचायत समिति में निवास करती है राज्य में कुल डामोर ओं का 70.88% भाग डूंगरपुर जिले में निवास करता है

  •  डामोर जनजाति की जाति पंचायत का मुखिया मुखी कहलाता है
  •  इस जाति के पुरुष भी महिलाओं की तरह गहने पहनते हैं
  •  डामोर जनजाति का सर्वर प्रमुख मेला गुजरात के पंचमहल में आयोजित होने वाला  झेलाबावसी का मेला है
  •  इसके अलावा डूंगरपुर में भी इस जनजाति का ग्यारसी का रेवाड़ी मेला भरता है

कंजर जनजाति

राजकीय जनजाति घुमंतू जाति अपराध  वृत्ति हेतु प्रसिद्ध है

  • मोर का मांस इस जनजाति को सर्वाधिक लोकप्रिय है
  •  कंजरो की कुलदेवी रक्तदन टी माता का मंदिर बूंदी के संतूर में स्थित है
  •  इस जनजाति में सच्चाई उगलवाने हेतु हाकम राजा का प्याला पी कर कसम खाने की परंपरा है
  •  इस जनजाति में मरते समय मृतक के मुंह में शराब डालने की प्रथा है

कथोडी जनजाति

 यह जनजाति मुख्य रूप से उदयपुर जिले के झाडोल, कोटडा, सराणा पंचायत में निवास करती है

  • इस जनजाति का मूल निवास स्थान महाराष्ट्र है इस जनजाति का मुख्य व्यवसाय खैर वृक्ष से कत्था तैयार करना है
  • जनजाति को शराब अति प्रिय है इस जनजाति की महिलाएं भी पुरुषों के साथ शराब पीती हैं
  •  इस जनजाति की महिलाएं मराठी अंदाज में साड़ी पहनती है जिसे फड़का कहा जाता है

 सांसी जनजाति  

यह जनजाति भरतपुर जिले में मुख्य रूप से पाई जाती है इस जनजाति की उत्पत्ति  सांस मल नामक व्यक्ति से मानी गई है

  •  सांसी जनजाति के दो भाग वीजा एवं माला है
  •  इस जनजाति को सांड व लोमड़ी का मांस सर्वाधिक प्रिय है
  •  सांसी जनजाति में विवाह के अवसर पर युवती द्वारा दी जाने वाली चारित्रिक पवित्रता की परीक्षा को कुड्की की रस्म कहा जाता है 

राजस्थान की जनजातियां से संबंधित प्रश्नोत्तरी

प्रश्न. राजस्थान में  अनुसूचित जनजाति के लोग कुल जन संख्या के कितने प्रतिशत है?
उत्तर. 12.4%

प्रश्न. ट्राइबल  अनुसंधान संस्थान स्थित है?
उत्तर. उदयपुर

प्रश्न. भील जाति के  लोगों का मुख्य खाद्यान्न है?
उत्तर. मक्का

प्रश्न. सहरिया  जाति के लोग अपने मकानों का निर्माण करते हैं?
उत्तर. लकड़ी और मिट्टी

प्रश्न. राज्य के आदिम जाति शोध  एवं प्रशिक्षण संस्थान  कहाँ पर स्थित है?
उत्तर. उदयपुर

प्रश्न. गैर  नृत्य का सम्बन्ध किस जाति से है?
उत्तर. भील

प्रश्न, जनजाति जनसंख्या  की दृष्टि से राजस्थान का देश में कौन- सा स्थान है?
उत्तर. चौथा

14. राज्य में  जनजाति लोगों की सर्वाधिक संख्या किस जिले में है?
उत्तर. उदयपुर

प्रश्न. काथोडिया जनजाति  राजस्थान के किस जिले में नहीं रहती है?
उत्तर. कोटा

प्रश्न. गरासिया जाति के  विवाहों में सम्मिलित नहीं है?
उत्तर. टीका 

प्रश्न. सांसी जन जाति की कितनी  उपजातियाँ है?
उत्तर. 2

प्रश्न. किस जन जाति का प्रमुख पटेल कहलाता है?
उत्तर. कंजर

प्रश्न. जन संख्या की दृष्टि से गरासिया जन जाति का राजस्थान में कौन सा स्थान है?
उत्तर. तृतीय

प्रश्न. डामोर जन जाति की कितने प्रतिशत जन संख्या डूंगरपुर जिले में है?
उत्तर. 96.82%

प्रश्न. कंजर जन जाति की महिलाएँ कमर पर जो वस्त्र  पहनती है. वह कहलाता है?
उत्तर. खसनी

प्रश्न. भील जाति के  लोग विस प्रकार की मदिरा का सेवन करते हैं?
उत्तर. मह आ से बनी

प्रश्न. राजस्थान  की सबसे प्राचीन जनजाति है?
उत्तर. भील

प्रश्न. भील जाति के पुरुष  कमर पर जो वस्त्र लपेटे रहते हैं. उसे कहते हैं?
उत्तर. फालू

प्रश्न.  माडा  कार्यक्रम में  राज्य के कितने जिले सम्मिलित हैं?
उत्तर. 16

प्रश्न. सहरिया  जनजाति के मुखिया को क्या कहते हैं?
उत्तर. कोतवाल

प्रश्न. राजस्थान में शरीर पर  चित्र गुदवाने की प्रथा प्रचलित है।  यह प्रथा किस जाति में सर्वाधिक लोकप्रिय है?
उत्तर. भील

प्रश्न. जन संख्या की दृष्टि से भील जनजाति का राजस्थान में कौनसा स्थान है?
उत्तर. द्वितीय

प्रश्न. कौनसा मेला  सहरिया जनजाति का कुंभ माना जाता है?
उत्तर. सीता बाड़ी (हाड़ौती अंचल)

प्रश्न. हमारे देश में कितनी प्रतिशत जन संख्या जनजाति के लोगों की है?
उत्तर. 8%.

प्रश्न. राजस्थान में  पायी जाने वाली सांसी जनजाति के दो उपभाग पाये जाते हैं  जिनमें एक को बीजा कहते हैं तो दूसरे को क्या कहते है?
उत्तर. माला

प्रश्न. माडा  कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य है?
उत्तर. जनजाति परिवारों का आर्थिक स्तर ऊँचा उठाना

प्रश्न. राजस्थान  में सहरिया जनजाति की सर्वाधिक संख्या किस जिले में है?
उत्तर. बारां

प्रश्न. जिले की कुल जनसंख्या में जनजाति जन संख्या का सबसे अधिक प्रतिशत किस जिले में है?
उत्तर. बांसवाड़ा

प्रश्न.  सागड़ी   प्रथा का अर्थ है?
उत्तर. बन्धुआ मजदूर

प्रश्न.  मीणा पुराण  किस मुनि द्वारा लिखा गया है?
उत्तर. मुनि मगर सागर

प्रश्न. डामोर जनजाति की सर्वाधिक  संख्या कहाँ पायी जाती है?
उत्तर. सीमलवाड़ा

प्रश्न. भील  स्त्रियों द्वारा छाती से नीचे तक पहना जाने वाला वस्त्र कहलाता है?
उत्तर. कछाबू

प्रश्न. वह कौनसा जिला है जहाँ  जनजातियों का सबसे कम प्रतिशत पाया जाता है?.
उत्तर. बीकानेर

प्रश्न. डामोर  जनजाति का मुख्य भोजन है?
उत्तर. चावल, मक्का

प्रश्न. निम्न में से कौन सी जनजाति ऐसी है  जो कि मकान बनाकर नहीं रहती?
उत्तर. गाडिया लुहार

प्रश्न. सांसी  जनजाति की सर्वाधिक जन संख्या राजस्थान के किस जिले में निवास करती है?
उत्तर. कोटा

प्रश्न. राजस्थान  जनजाति क्षेत्रीय विकास सहकारी संघ का मुख्यालय कहाँ पर है?
उत्तर. उदयपुर

प्रश्न. भील जनजाति के लोगों के घर  क्या कहलाते हैं?
उत्तर. कू

प्रश्न. भील  लोगों के बड़े गाँव को कहते हैं?
उत्तर. पाल

प्रश्न. राजस्थान में  जनजाति उपयोजना कब शुरु की गई?
उत्तर. 1974-75

प्रश्न. डूंगरपुर जिले की सीमलवाड़ा  पंचायत समिति में किस जनजाति की संख्या सर्वाधिक है?
उत्तर. डामोर जनजाति

प्रश्न. सहेरिया  विकास कार्यक्रम किस  जिले में क्रियान्वित किया जा रही है?
उत्तर. बारां

प्रश्न. सांसी  जनजाति का सम्बन्ध राजस्थान के किस जिले से है?
उत्तर. भरतपुर

प्रश्न. डामोर जनजाति का  प्रमुख व्यवसाय है?
उत्तर. कृषि करना

प्रश्न.  मीणा  का अर्थ है?
उत्तर. मछली

प्रश्न. गरासिया  जनजाति का सर्वाधिक  जमाव उदयपुर जिले में कितने प्रतिशत है?
उत्तर. 56.63%

प्रश्न. निम्न  में से कौन -सा जनजाति समूह राजस्थान में निवास नहीं करता है?
उत्तर. गौंड

प्रश्न. जनसंख्या की दृष्टि से मीणा  जनजाति का राजस्थान में कौन सा स्थान है?
उत्तर. प्रथम

प्रश्न. भील  जनजाति द्वारा पहाड़ी जंगल को जलाकर की जाने वाली कृषि कहलाती है?
उत्तर. चिमाता

प्रश्न. गरासिया जनजाति के प्रमुख  त्यौहार हैं?
उत्तर. तीज

प्रश्न. राज्य में  जनजाति क्षेत्र में रेशम कीट पालन वाला जिला है?
उत्तर. उदयपुर

प्रश्न. मैदानी भागों में भील जनजाति द्वारा  वन काटकर की जाने वाली कृषि को कहते हैं?
उत्तर. दजिया

प्रश्न. भील लोगों में निम्न  में से कौन सी परिवार प्रथा का प्रचलन है?
उत्तर. संयुक्त परिवार .

प्रश्न. अनुसूचित  जाति/जनजाति के शैक्षणिक एवं आर्थिक उत्थान हेतु संविधान के किस  अनुच्छेद में व्यवस्था की गई है?
उत्तर. अनु. 46 वें

प्रश्न. सहरिया  जनजाति की बस्ती कहलाती है?
उत्तर. सहराना

प्रश्न.  हाकम राजा का प्याला पीकर कसम खाने की प्रथा  से कंजर जनजाति में आशय है?
उत्तर. सत्य बोलना

प्रश्न. राज्य में  किस जनजाति की संख्या सबसे अधिक है?
उत्तर. मीणा

प्रश्न. राजस्थान में सहरिया  जनजाति की सर्वाधिक जनसंख्या किस स्थान पर है?
उत्तर. शाहबाद (बारां)

प्रश्न. निम्न में से कौन सी जनजाति राजस्थान  में नहीं पायी जाती है?
उत्तर. बैगा

प्रश्न. राजस्थान  में जनजाति उपयोजना क्षेत्र कार्यक्रम कितने गांवों में चल रहा है?
उत्तर. 4400 गांवों में

प्रश्न. भील जनजाति की सर्वाधिक संख्या  पायी जाती है?
उत्तर. दक्षिणी राजस्थान

प्रश्न. राज्य में  जनजाति क्षेत्र विकास विभाग की स्थापना  किस वर्ष में की गई?
उत्तर. 1975

प्रश्न. राजस्थान में  जनजाति उपयोजना क्षेत्र में जनजाति के कितने लोग निवास करते है?
उत्तर. 24.01 लाख

प्रश्न. मीणा जनजाति कितनी  खांपों में बँटी हुई है?
उत्तर. 24

प्रश्न. बारां  जिले की शाहबाद पंचायत समिति में किस जनजाति की संख्या सर्वाधिक है?
उत्तर. सहरिया

प्रश्न. राजस्थान में अनुसूचित  जाति की जनसंख्या कुल जनसंख्या की कितनी प्रतिशत है?
उत्तर. 17.3%

प्रश्न. भील जनजाति में विवाह  की कौन सी प्रथा का प्रचलन है?
उत्तर. अन्तर्विवाह

प्रश्न. राजस्थान  की ऐसी कौन सी आदिवासी जाति है जिसके लोग मेलों में अपना जीवन साथी चुनते हैं?
उत्तर. गरासिया

प्रश्न. दक्षिणी राजस्थान की गाने- बजाने वाली जनजाति है?
उत्तर. गरासिया जनजाति

प्रश्न.  माडा  खण्डों में किस  जनजाति का बाहुल्य है?
उत्तर. मीणा

प्रश्न. सहरिया जन जाति का प्रमुख खाद्यान्न है?
उत्तर. ज्वार

प्रश्न. भील जन जाति अपने आपको किसकी संतान मानते हैं?
उत्तर. महादेव .

प्रश्न. सहेरिया  विकास कार्यक्रम किस  जिले में क्रियान्वित किया जा रही है?
उत्तर. बारां

प्रश्न. राजस्थान में सहरिया  जनजाति की सर्वाधिक जनसंख्या किस स्थान पर है?
उत्तर. शाहबाद (बारां)

प्रश्न. निम्न में से कौन सी जनजाति राजस्थान  में नहीं पायी जाती है?
उत्तर. बैगा

प्रश्न. राजस्थान  में जनजाति उपयोजना क्षेत्र कार्यक्रम कितने गांवों में चल रहा है?
उत्तर. 4400 गांवों में

प्रश्न. भील जनजाति की सर्वाधिक संख्या  पायी जाती है?
उत्तर. दक्षिणी राजस्थान

प्रश्न. राज्य में  जनजाति क्षेत्र विकास विभाग की स्थापना  किस वर्ष में की गई?
उत्तर. 1975

प्रश्न. राजस्थान में  जनजाति उपयोजना क्षेत्र में जनजाति के कितने लोग निवास करते है?
उत्तर. 24.01 लाख

प्रश्न. मीणा जनजाति कितनी  खांपों में बँटी हुई है?
उत्तर. 24

प्रश्न. बारां  जिले की शाहबाद पंचायत समिति में किस जनजाति की संख्या सर्वाधिक है?
उत्तर. सहरिया

प्रश्न. राजस्थान में अनुसूचित  जाति की जनसंख्या कुल जनसंख्या की कितनी प्रतिशत है?
उत्तर. 17.3%

प्रश्न. भील जनजाति में विवाह  की कौन सी प्रथा का प्रचलन है?
उत्तर. अन्तर्विवाह

प्रश्न. राजस्थान  की ऐसी कौन सी आदिवासी जाति है जिसके लोग मेलों में अपना जीवन साथी चुनते हैं?
उत्तर. गरासिया

प्रश्न. दक्षिणी राजस्थान की गाने- बजाने वाली जनजाति है?
उत्तर. गरासिया जनजाति

प्रश्न.  माडा  खण्डों में किस  जनजाति का बाहुल्य है?
उत्तर. मीणा

प्रश्न. सहरिया जन जाति का प्रमुख खाद्यान्न है?
उत्तर. ज्वार

प्रश्न. भील जन जाति अपने आपको किसकी संतान मानते हैं?
उत्तर. महादेव .

राजस्थान की जनजातियां। भीलों की अर्थव्यवस्था

राजस्थान की जनजातियां

वर्ष 2011 जनगणना के अनुसार राजस्थान में जनजातीय जनसंख्या 92.39 लाख है। जो कुल जनसंख्या का 13.48 % है।

• राजस्थान का जनजाति के लोगों की संख्या की दृष्टि से भारत में 6th स्थान है। (प्रथम – मध्यप्रदेश)

• राजस्थान का जनजाति के लोगों की प्रतिशत की दृष्टि से भारत में 13वां स्थान है। (प्रथम – मिजोरम)

• राजस्थान में सर्वाधिक जनजातियों की संख्या वाला जिला – उदयपुर। (45.25 लाख)

• राजस्थान में न्यूनतम जनजातियों की संख्या वाला जिला – बीकानेर।

• सर्वाधिक जनजातीय प्रतिशत वाला जिला – बांसवाड़ा।
• न्यूनतम जनजातीय प्रतिशत वाला जिला – नागौर।

• राजस्थान की जनजातियों का 95% भाग ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करता है। 

सभी जनजातियों की सामान्य विशेषताएँ:-

(1) प्राय: शहरी समाज से दूर जंगलों, दुर्गम पर्वतीय व पठारी क्षेत्रों में निवास करते हैं। ‌

(2) प्राकृतिक जीवन शैली।

(3) इनकी अपनी विशिष्ट बोली, संस्कृति, आवास, आर्थिक

क्रियाकलाप एवं सामाजिक ढाँचा होता है, जो इन्हें अन्य समाजों से अलग करता है।

(4) ये पुराने ढंग की आर्थिक क्रियाओं जैसे – वनों से कंदमूल फल (संग्रहण), नदियों से मछलियां पकड़ना, घने वनों से  पशुओं का शिकार करना, स्थानान्तरित कृषि, मजदूरी आदि से जीवन यापन करते हैं।

मीणा जनजाति

• मीना, मीणा, मूलतः संस्कृत भाषा के मीन शब्द का अपभ्रंश है। मीन का अर्थ – मछली।

• मीणा जनजाति अपनी उत्पत्ति भगवान विष्णु के प्रथम अवतार (मत्स्यावतार) से मानती है।

• राजस्थान में आदिवासी जनसंख्या की दृष्टि से मीणा जनजाति का प्रथम स्थान है।

1. मीणा 2. भील 3. गरासिया

• निवास क्षेत्र:- मुख्यतया जयपुर, दौसा, सवाई माधोपुर, 

करौली, अलवर, टोंक, भरतपुर और उदयपुर जिलों में निवास करती है। 

• सर्वाधिक आबादी:- जयपुर जिलें में।

• राजस्थान की जनजातियों में सबसे संपन्‍न तथा शिक्षित जनजाति – मीणा।

 • मीणा जनजाति में दो वर्ग होते है –

1. जमींदार मीणा
2. चौकीदार मीणा

मुनि मगन सागर की रचना:- मीणा पुराण।

सामाजिक जीवन:- 

• विवाह:- प्राचीनकाल में मीणा जनजाति में ब्रहम व गन्धर्व विवाह का प्रचलन था। वर्तमान में अन्य समाजों की भांति रीति-रिवाज के अनुसार विवाह संपन्न होते हैं। 

• मोरनी मांडना – विवाह के दौरान एक रस्म।

• परिवार:- मीणा जाति में संयुक्त परिवार प्रथा प्रचलित है तथा परिवार पितृसत्तात्मक होते हैं। निःसन्तान दम्पत्ति को गोद लेने का अधिकार है।

• सामाजिक नियंत्रण:- मीणाओं की परम्परागत पंचायत के चार स्तर होते हैं- 

ग्राम पंचायत, गौत्र पचायत, क्षेत्रीय पंचायत व चौरासी पंचायत।

सामाजिक झगड़ों, नाता विवाह, तलाक, मौसर, चरित्रहीनता, ऋण आदि झगड़ों को पंचायत ही निपटाती है।

सबसे बड़ी पंचायत चौरासी पंचायत होती है।

• नृत्य:- होली के तीसरे दिन खेरवाड़ और डूंगरपुर में नेजा नृत्य किया जाता है।

• मीणा जनजाति के मुख्य देवता –

1. भूरिया बाबा   2. बुझ देवता

आर्थिक जीवन:-

मीणा प्रधानत: कृषक वर्ग है, जो कृषि के साथ पशुपालन भी करते हैं।

सरकारी सेवाओं में आरक्षण के कारण वर्तमान में इनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति अन्य समुदायों से तुलनात्मक रूप में बेहतर हो गई है।

भील जनजाति

• भील शब्द की उत्पत्ति वील से हुई है, जिसका अर्थ होता है – तीर कमान
• भील राजस्थान की सबसे प्राचीन जनजाति है।

स्वच्छ परियोजना 

  • UNICEF के सहयोग से वर्ष 1985 में आदिवासी क्षेत्रों में शुरू की गई नारू उन्मुलन परियोजना हैं।
  • इस योजना में स्वच्छता एवं पेयजल संसाधनों में वृद्धि के प्रयास किए गए हैं।
  • इस योजना का लक्ष्य 1992 में पूर्ण हो गया हैं।

बिखरी जनजाति विकास कार्यक्रम 

  • बांसवाड़ा व डूंगरपुर के अलावा राज्य के सम्पूर्ण भू-भाग पर आदिवासियों की बिखरी हुई संख्या निवास करती हैं।
  • इस योजना का लक्ष्य बिखरी हुई आदिवासी जनजातियों को एकजुट करना हैं।

एकलव्य योजना

  • इस योजना का लक्ष्य आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा से वंचित बालकों के विकास हेतु छात्रावास एवं स्वास्थ्य केन्द्र की स्थापना करना हैं।
  • रोजगार कार्यक्रम – इस योजना का लक्ष्य आदिवासियो को रोजगार के अतिरिक्त अवसर प्रदान करना हैं।
  • रूख भायला कार्यक्रम – इस योजना का उद्देश्य आदिवासी क्षेत्र में सामाजिक वानिकी को बढ़ावा देना तथा पेड़ों की अवैध कटाई को रोकना हैं।

जनजातीय क्षेत्रीय विकास – प्रमुख संस्थाए

  • माणिक्यलाल वर्मा आदिम जाति शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान – जनजाति विकास के लिए सन् 1964 में स्थापित इस संस्थान का उद्देश्य जनजातियों के सामाजिक, सांस्कृतिक एवं जीवन स्तर में सुधार करना हैं।
  • वनवासी कल्याण परिषद् – उदयपुर में स्थित इस संस्थान द्वारा संचालित ‘वनवासी को गले लगाओ’ अभियान प्रारम्भ किया गया हैं।
  • राजस्थान जनजातीय क्षेत्रीय विकास सहकारी संघ (राजस संघ) – इस संस्थान का उद्देश्य आदिवासियाओं को व्यापारी वर्ग के शोषण से मुक्त करना तथा सहकारी संगठनों के माध्यम से इनकी निर्धनता को दूर करना। इस संस्थान की स्थापना 1976 में की गई थी।

अन्य महत्वपूर्ण योजनाएँ

जनजाति उपयोजना क्षेत्र :- 1974 में लागू। 6 जिले शामिल :- बाँसवाड़ा, डूंगरपुर, उदयपुर, राजसमन्द, चित्तौड़गढ़ व आबूरोड (सिरोही) की 23 पंचायत समितियाँ शामिल जिसमें 4409 गाँव आबाद हैं।

परिवर्तित क्षेत्र विकास उपागम (MADA)

  • 1978-79 ई. में अपनाया गया।
  •  राज्य के 16 जिलों के 3589 गाँव सम्मिलित किये गये।
  • जनजाति विकास विभाग की स्थापना :- 1979 में।
  • सहरिया विकास कार्यक्रम :- 1977-78 में शुरू।
  • इस कार्यक्रम में कृषि, लघु-सिंचाई, पशुपालन, वानिकी, शिक्षा, पेयजल, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, पुनर्वास सहायता आदि पर व्यय किया जाता है।
  • बिखरी जनजाति विकास कार्यक्रम :- 1979 में शुरू। जनजाति क्षेत्र विकास विभाग (TADA) द्वारा संचालन
  •  क्रियान्विति :- भारत विकास परिषद द्वारा।
  •  रूख भायला कार्यक्रम के अन्तर्गत 500 चयनित स्वयंसेवकों को 300 रुपये प्रतिमाह भत्ता दिया जाता है।

 अनुसूचित जाति विकास सहकारी निगम की स्थापना :- मार्च 1980 में निगम पैकेज ऑफ प्रोग्राम, स्काईट योजना, यार्न योजना, बुनकर शेड योजना के माध्यम से अनुसूचित जनजाति के लोगों को स्वावलम्बी बनाने का प्रयास कर रहा है।

  • अन्य तथ्य :-हेडन भीलों को पूर्व-द्रविड़, रिजले इन्हें द्रविड़, प्रो. गुहा इन्हें प्रोटो-ऑस्टोलायड प्रजाति से संबंधित मानते हैं।
  • कर्नल जेम्स टॉड ने भीलों को “वन-पुत्र’ की संज्ञा दी।
  • भीली व्याकरण के प्रकाशनकर्ता :- सी. एस. थॉम्पसन।
  • हेलरू :- गरासिया जनजाति की सहकारी संस्था
  • मेक :- गरासिया जनजाति में प्रचलित मृत्युभोज।
  • सोहरी :- गरासिया जनजाति में प्रचलित अनाज भण्डार की मिट्‌टी की आकर्षक कोठियां।
  • गरासिया जनजाति में आखातीज (वैशाख शुक्ला तृतीया) से नव वर्ष का प्रारम्भ माना जाता है।
  • वालर गरासिया जनजाति का नृत्य है जिसमें वाद्य यंत्रों का प्रयोग नहीं होता है।
  • हारी-भावरी :- गरासिया समुदाय द्वारा की जाने वाली सामूहिक कृषि।
  • सियावा का गौर मेला गरासिया जनजाति का प्रसिद्ध मेला है।
  • सहरिया जनजाति कभी भी भीख माँगना मंजूर नहीं करते हैं।
  • लोकामी :- सहरिया जनजाति द्वारा दिया जाने वाला मृत्यु भोज।
  • लीला मोरिया विवाह की प्रथा से जुड़ा हुआ संस्कार है, जो सहरिया जनजाति से संबंधित है।
  • सहरिया जनजाति की कुलदेवी :- कोड़िया देवी।
  • दक्षिण पश्चिम राजस्थान की कोटड़ा तहसील में कथोड़ी जनजाति निवास करती है।

राजस्थान की निम्न में से कौन-सी जनजाति को भारत सरकार द्वारा आदिम जनजाति समूह को सूची में शामिल किया गया है?

सहरिया

पाठ्यपुस्तक का बाह्य गुण है

शीर्षक 

राजस्थान में अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या

 2011 की जनगणनानुसार इस क्षेत्र की जनसंखया 64.64 लाख है जिसमें जनजाति जनसंखया 45.52 लाख है। 

Rajasthan की जनसंख्या कितनी है?

कुल जनसंख्या :- 6,85,48,437
पुरुष जनसंख्या :- 3,55,50,997
महिला जनसंख्या :- 3,29,97,440
ग्रामीण जनसंख्या :- 5.15 करोड़ (75.1%)
शहरी जनसंख्या :- 1.70 करोड़ (24.9%)

गरासिया भील के मुखिया कौन थे?

गरासियों के गांव “पाल” कहलाते है,एक ही गोत्र के लोग एक पाल में निवास करते हैं। मुखिया को पटेल कहा जाता है।

राजस्थान के मूल निवासी कौन थे?

राजस्थानी लोग या राजस्थानी एक भारतीय जातीय समूह हैं जो राजस्थान (“राज्यों की भूमि”), उत्तरी भारत के एक राज्य के मूल निवासी हैं। उनकी भाषा, राजस्थानी, इंडो-आर्यन भाषाओं के पश्चिमी समूह का हिस्सा है।

हेलरू क्या है?

हेलरू क्या है ? उत्तर- गरासिया जनजाति की सहकारी संस्था। गरासिया समाज के प्रत्येक परिवार का एक स्त्री या पुरुष इस संस्था का सदस्य होता है।

सांसी जनजाति के मुखिया को क्या कहते हैं?

इस जनजाति में लोमड़ी व सांड का मांस प्रसिद्ध हैं। सांसी जनजाति में भाखर बावजी को अपना संरक्षक देवता मानते हैं

आर्य और द्रविड़ कौन थे?

आर्य और द्रविड़ ऐसी नस्लें हैं, जो भारत-भूमि पर कुछ अधिक ही अधिकार जताती है। इसे लेकर विचित्र किस्म की एक राजनीति पिछले सौ-सवा सौ साल से चल रही है। दोनों ने भारत को दो भागों में विभाजित कर लिया है। उत्तर भारत को आर्य, अपनी सांस्कृतिक जागीर (आर्यावर्त) समझते हैं और कुछ ऐसा ही दक्षिणी भारत के लिए द्रविड़ों का है।

क्या आर्य ब्राह्मण थे?

मुद्राराक्षस ने भी आर्यों और ब्राह्मणों को एक नहीं माना है वह कहता है की आर्य और ब्राहमणों में हमेशा युद्ध होता रहता था । ब्राह्मण के लिए आर्य कभी सम्माननीय नहीं रहा और न ही उल्लेखनीय। किसी भी ब्राह्मण ग्रन्थ में ब्राह्मण, क्षत्रिय या वैश्य को आर्य के रूप में चिन्हित नहीं किया गया ।

Rate this post

Share This Post
, ,

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *